बिल गेट्स Biography In Hindi | Success Story Of Microsoft | Hindi inspirational & motivational

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बिल गेट्स

बिल गेट्स यदि आप गरीब परिवार में जन्मे हैं तो यह आपकी गलती नहीं है लेकिन यदि आप गरीब रहकर ही मर जाते हैं तो यह आपकी गलती है


ऐसा कहना है इस दुनिया के सबसे अमीर इंसान बिल गेट्स का जो अपनी सच्ची लगन और मेहनत के बल पर इस मुकाम पर आ पहुंचे हैं


कि अगर वह इस विश्व में अपना एक अलग देश बनाएं तो भी वह दुनिया का 37वां सबसे अमीर देश होगा बिल गेट्स प्रत्येक दिन लगभग 102 करोड रुपए कमाते हैं और कहा जाता है कि बिल गेट्स अगर पूरी दुनिया में हर व्यक्ति को अपनी संपत्ति का बराबर बराबर रुपया बातें तो हर एक के हिस्से में करीब ₹5000 आएंगे बिल गेट्स का वास्तविक नाम विलियम हेनरी गेट्स है इनका जन्म 28 अक्टूबर 1955 को वाशिंगटन केरल में हुआ था


बिल गेट्स के पिता विलियम-केट थे जो कि एक मशहूर वकील हुआ करते थे उनके माता-पिता उनके लिए लो में कैरियर बनाने का स्वप्न लेकर बैठे थे लेकिन बिल को बचपन से ही कंप्यूटर और उनकी प्रोग्रामिंग भाषाओं में बहुत ज्यादा रुचि थी


उनकी प्रारंभिक शिक्षा लेकसाइड स्कूल में हुई Exide स्कूल में विद्यार्थियों को कंप्यूटर सीखने और उसे और अधिक जानने के लिए स्कूल की तरफ से कंप्यूटर दे दिया गया जिससे बिल गेट्स की कंप्यूटर में रुचि और बढ़ने लगी कंप्यूटर से ज्यादा यह जानने की कि आखिर यह काम कैसे करता है कुछ साल कंप्यूटर की जानकारी होने के बाद उन्होंने 13 साल की उम्र में बेसिक कंप्यूटर की भाषा में 12 नाम का प्रोग्राम बनाया जो कि एक तरह का गेम था इसलिए खास बात यह थी कि कोई भी व्यक्ति उस गेम को कंप्यूटर के साथ खेल सकता था

उस गेम को खेलने के लिए दो लोगों की आवश्यकता नहीं थी स्कूलिंग के समय ही बिल गेट्स की मुलाकात पालन से हुई जो उन से 2 साल सीनियर थे अपने कंप्यूटर की मिलती धारणाओं और विचारों की वजह से भी दोनों अच्छे दोस्त बन गए जबकि दूसरी तरफ उनके स्वभाव बिल्कुल भी नहीं मिला करते थे

पॉल एलन बहुत ही शर्मीले और शांत स्वभाव के थे लेकिन बिल गेट्स उनके थोड़े चंचल स्वभाव के थे बिल गेट्स की स्कूल वालों ने उन्हें और उनके दोस्त को कंप्यूटर लैब में जाने का रोग लगा दिया था क्योंकि वह दोनों अपने कंप्यूटर सीखने के वक्त के अलावा अपनी पढ़ाई छोड़ कर सारा वक्त बिताते थे और कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ किया करते थे


बाद में दोनों को फिर से इस शर्त पर लैब में आने की इजाजत मिल गई प्रोग्राम निकालेंगे इसी समय के एक और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बनाया स्कूल के टाइम टेबल में काम आता था सन 1970 में 15 साल की उम्र में ही बिल गेट्स और ने मिलकर एक प्रोग्राम बनाया जो कि शहर की ट्रैफिक पैटर्न पर नजर रखता था

उन्हें इस प्रोग्राम के लिए $20000 मिले जो इनकी पहली कमाई थी 1973 में स्कूल से पास हुए उसके बाद हावर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने एडमिशन ले लिया लेकिन बिल गेट्स ने 1975 में ग्रेजुएशन किए कॉलेज छोड़ दी और अपनी कंपनी की तरफ ध्यान देने लगे 26 नवंबर 1976 को उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और देखते ही देखते कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर लिया बिल गेट्स की संपत्ति में भी उनके बच्चों का कोई हक नहीं होगा बिल कहते हैं

कि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे लेकिन कमाई के लिए उन्हें अपने रास्ते खुद निकालने होंगे गेट्स को बचपन से ही लोगों की मदद करना अच्छा लगता था और आज वह गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए करोड़ों रुपया दान कर देते गेट्स नहीं अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी उनका हमेशा से ही यही मानना था कि गलतियां तो सभी से होती हैं लेकिन उन गलतियों को सुधारने का प्रयास करें वही जीवन में सफल हो पाता है

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